बिनेंस से जुड़ी तीन संस्थाएं हांगकांग की अदालत में रेडॉटपे भुगतान सेवा के सह-संस्थापकों के खिलाफ मुकदमा दायर कर उन पर ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए 'धोखाधड़ी की साजिश' चलाने का आरोप लगाया है।
दावे का सार: मार्च 2025 के समझौते के अनुसार, बिनेंस के उपयोगकर्ता केवल फिएट में रूपांतरण, आंतरिक ट्रांसफ़र और सेवा के उत्पादों के लिए ही रेडॉटपे के ज़रिए धन खर्च कर सकते थे। रेडॉटपे के कार्ड को रिचार्ज नहीं किया जा सकता था—बिनेंस का दावा है कि रेडॉटपे फ़्लो को अलग नहीं करता था: बिनेंस पे से आए पैसे आसानी से कार्ड रिचार्ज में चले जाते थे, और सेवा इसके लिए स्वयं प्रोत्साहित करती थी।
दावे के आंकड़े:
- 470,000 से अधिक उपयोगकर्ता रेडॉटपे कार्ड पर स्थानांतरित हुए
- $925—एक ग्राहक की आजीवन मूल्य का अनुमान, जिससे बिनेंस ने मुकदमे की राशि निकाली
- लगभग $304 मिलियन उपयोगकर्ता धन, एक्सचेंज के अनुसार, बिनेंस पे से रेडॉटपे इकोसिस्टम में चला गया
सबसे महत्वपूर्ण बात टाइमिंग है। रेडॉटपे अमेरिका में $1 बिलियन के आईपीओ की तैयारी कर रहा है, जिसका मूल्यांकन $4 बिलियन से ऊपर है, जिसमें JPMorgan, Goldman Sachs और Jefferies शामिल हैं। बिनेंस का दावा है कि यह खींची गई ऑडियंस ही इस मूल्यांकन को बढ़ा रही है। एक्सचेंज का अलग तर्क है: 2024 की सीरीज़ A प्रेज़ेंटेशन में रेडॉटपे ने खुद निवेशकों को बिनेंस पे से सीधे कार्ड रिचार्ज करने का विज्ञापन किया था।
यह पहला विवाद नहीं है: नवंबर 2023 का पहला साझेदारी समझौता छह महीने में उन्हीं आरोपों के कारण टूट गया था, और 2025 का कॉन्ट्रैक्ट धन को अलग रखने के वादे के साथ हुआ था। बिनेंस पे को रेडॉटपे से आखिरी बार 3 अप्रैल 2026 को डिस्कनेक्ट किया गया था, जिसे साझेदारों की योजनाबद्ध समीक्षा बताया गया था।
रेडॉटपे सभी बिंदुओं पर बचाव करने का इरादा रखता है और दावा करता है कि इससे सेवा के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बिनेंस का समानांतर मुकदमा सिंगापुर में विचाराधीन है—सुनवाई 7 अगस्त को होगी।