माइकल सेलर ने बिटकॉइन के भविष्य पर एक विस्तृत तर्क प्रस्तुत किया है। मुख्य विचार: बिटकॉइन एक तकनीकी स्टार्टअप नहीं, बल्कि एक मौद्रिक नेटवर्क है। इसकी ताकत तेज़ विकास में नहीं, बल्कि बुनियादी प्रोटोकॉल की अपरिवर्तनीयता में है।
सेलर के अनुसार, अगला दशक हैल्विंग्स से नहीं, बल्कि औपचारिक पूंजी प्रवाहों—ईटीएफ, कॉर्पोरेट खजाने, संप्रभु रिज़र्व, बैंक क्रेडिट और डेरिवेटिव्स—से निर्धारित होगा। दुनिया बिटकॉइन के आसपास वित्तीय प्रणालियाँ बनाएगी—क्रेडिट, स्टेबलकॉइन, संरचित उत्पाद—लेकिन बिटकॉइन खुद अपरिवर्तित रहेगा।
मुख्य जोखिम: अत्यधिक क्रेडिट लीवरेज वाला 'पेपर बिटकॉइन', कैस्टोडियल केंद्रीकरण और एक्सचेंजों तथा माइनर्स पर नियामक दबाव। प्रोटोकॉल बच जाएगा—लेकिन निवेशक इसके आसपास की वित्तीय प्रणाली से प्रभावित हो सकते हैं।